चेन्नई/अहमदाबाद: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हाथों मिली 76 रनों की शर्मनाक हार के बाद भारतीय टीम प्रबंधन अब कड़े फैसले लेने की तैयारी में है। लगातार असफल हो रही ओपनिंग जोड़ी और टॉप ऑर्डर की विफलता ने कोचों को प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने पर मजबूर कर दिया है।

ओपनिंग जोड़ी की नाकामी: ‘जीरो पर एक’ का सिलसिला

भारत के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने संकेत दिया है कि अगले महत्वपूर्ण मैचों के लिए संजू सैमसन को टीम में वापस लाया जा सकता है।

  • अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म: युवा ओपनर अभिषेक शर्मा पिछले 4 पारियों में 3 बार शून्य (डक) पर आउट हुए हैं।
  • स्पिन का जाल: भारत ने पिछले तीन मैचों में पहले ही ओवर में विकेट गंवाया है। विरोधी टीमें पार्ट-टाइम ऑफ-स्पिनर्स से शुरुआत कर भारतीय बाएं हाथ के बल्लेबाजों (अभिषेक और तिलक) को फंसा रही हैं। BCCI Official

कोच का बयान: ‘स्टिक या ट्विस्ट’?

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में टेन डोशेट ने कहा:

“शुरुआत में ही 0 या 2 रन पर पहला विकेट गिरना बाकी खिलाड़ियों पर दबाव डाल रहा है। हमारे पास अनुभवहीनता है, लेकिन ये सभी शानदार खिलाड़ी हैं। अब सवाल यह है कि क्या हम उन्हीं खिलाड़ियों के साथ बने रहें (Stick) जिन्होंने पिछले 18 महीनों में अच्छा किया है, या फिर हम बदलाव (Twist) करें और संजू को वापस लाएं? संजू के आने से टॉप ऑर्डर में राइट-हैंडर का विकल्प भी मिलता है जो रणनीतिक रूप से मददगार होगा।” ICC T20 World Cup

संजू सैमसन का प्रदर्शन: क्या वे समाधान हैं?

हालांकि सैमसन की वापसी की चर्चा है, लेकिन उनके हालिया आंकड़े भी बहुत उत्साहजनक नहीं हैं:

  • 2025 से अब तक: सैमसन ने बतौर ओपनर 12 पारियों में केवल 156 रन बनाए हैं (औसत: 13)।
  • पावरप्ले का संघर्ष: इन 12 पारियों में वे केवल दो बार ही पावरप्ले से आगे टिक पाए हैं।
  • मौजूदा टूर्नामेंट: नामीबिया के खिलाफ उन्होंने 8 गेंदों में 22 रनों की छोटी लेकिन तेज पारी खेली थी।

अगली चुनौती: जिम्बाब्वे के खिलाफ करो या मरो

भारत का अगला मुकाबला 26 फरवरी को चेन्नई में जिम्बाब्वे के खिलाफ है। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को न केवल यह मैच जीतना होगा, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।

संभावित बदलाव:

  • अभिषेक शर्मा की जगह संजू सैमसन को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
  • दाएं और बाएं हाथ के संयोजन (Right-Left Combination) को बेहतर करने के लिए तिलक वर्मा के स्थान पर भी विचार किया जा सकता है।

निष्कर्ष: टीम मैनेजमेंट के सामने ‘अनुभव बनाम मौजूदा फॉर्म’ की बड़ी दुविधा है। चेन्नई की टर्निंग पिच पर संजू सैमसन की स्पिन खेलने की तकनीक टीम के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकती है।

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