नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए एक खतरनाक रणनीति पर काम कर रहे हैं। खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये संगठन अब महिलाओं के नेटवर्क का इस्तेमाल कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने और उन्हें ‘आत्मघाती हमलावर’ (Suicide Attackers) के रूप में तैयार करने के लिए कर रहे हैं। महिलाओं को क्यों निशाना बना रहे हैं आतंकी? सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के जरिए कट्टरपंथ फैलाना समाज में जहर घोलने का सबसे आसान तरीका है। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, “यदि एक महिला का दिमाग कट्टरपंथी विचारों से प्रदूषित होता है, तो वह पूरी अगली पीढ़ी में उग्रवाद के बीज बोती है।” प्रमुख महिला विंग और उनकी सक्रियता: जमात-उल-मुमिनात (जैश-ए-मोहम्मद): यह जैश की पहली आधिकारिक महिला विंग है, जिसकी स्थापना पिछले साल अक्टूबर में हुई थी। तय्यबात (लश्कर-ए-तैयबा): लश्कर अपनी इस महिला विंग को ‘इस्लामिक शिक्षण संस्थान’ के मुखौटे के पीछे बढ़ा रहा है। हाल ही में लाहौर में हुई एक सभा में लश्कर कमांडरों की पत्नियों ने भी हिस्सा लिया, जहाँ गैर-मुस्लिमों के खिलाफ जहर उगला गया। पढ़े-लिखे और शहरी तबके पर नजर आतंकी संगठन अब अनपढ़ लोगों के बजाय शिक्षित और शहरी मुस्लिम महिलाओं को निशाना बना रहे हैं। जैश द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में मक्का और मदीना की तस्वीरों के साथ भावनात्मक संदेशों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि धर्म के नाम पर उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाया जा सके। खुफिया रिपोर्ट और संयुक्त राष्ट्र (UN) की चेतावनी: रणनीतिक बदलाव: अब तक पुरुष आतंकियों पर निर्भर रहने वाले ये संगठन अब महिलाओं को लॉजिस्टिक सपोर्ट, भर्ती और विचारधारा के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी दे रहे हैं। पकड़ना हुआ मुश्किल: सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि महिलाओं की भागीदारी के कारण इन आतंकी नेटवर्कों का पता लगाना और उन्हें खत्म करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। UN की रिपोर्ट: संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्ट में भी जैश-ए-मोहम्मद द्वारा ‘जमात-उल-मुमिनात’ के जरिए आतंकी अभियानों में महिलाओं की भागीदारी को संस्थागत बनाने पर चिंता जताई गई है। खतरे की घंटी जैश और लश्कर भारत में संसद हमले (2001), पुलवामा हमले (2019) और मुंबई 26/11 जैसे बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार रहे हैं। महिलाओं का यह नया ‘डेथ स्क्वाड’ आने वाले समय में सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा संकट पैदा कर सकता है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation इमरान खान को मिलेगी नई जेल: आंखों की रोशनी जाने की खबरों के बीच पाक मंत्री का बड़ा बयान भारत की अगुवाई में ‘AI’ क्रांति का हिस्सा बनेगा मॉरीशस: नई दिल्ली समिट में शामिल होंगे पीएम नवीन रामगुलाम