मस्कट/वॉशिंगटन/तेहरान: ओमान की राजधानी मस्कट में ईरान और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के कुछ ही घंटे बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक एग्ज़ेक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किया है।

📌 आदेश की मुख्य बातें

  • जिन देशों ने ईरान के साथ व्यापार जारी रखा है, उन पर अमेरिका अतिरिक्त टैरिफ़ लगा सकता है।
  • आदेश में दर स्पष्ट नहीं है, लेकिन 25% टैरिफ़ का उदाहरण दिया गया है।
  • यह टैरिफ़ उन देशों पर लागू होगा जो सीधे या परोक्ष रूप से ईरान से सामान या सेवाएं खरीदते हैं।
  • व्हाइट हाउस ने कहा कि यह आदेश “ईरान के संदर्भ में राष्ट्रीय इमरजेंसी” की पुनः पुष्टि करता है।

⚖️ वार्ता का संदर्भ

  • शुक्रवार को ओमान में अमेरिका और ईरान के बीच जून 2025 के बाद पहली बार बातचीत हुई।
  • ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने नेतृत्व किया, जबकि अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर मौजूद थे।
  • ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि बातचीत “बहुत अच्छी” रही और ऐसा लगता है कि ईरान “काफ़ी हद तक समझौता करना चाहता है।”
  • उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो इसके नतीजे “बहुत गंभीर” होंगे।

🌍 वैश्विक असर

  • ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में चीन, इराक़, यूएई और तुर्की शामिल हैं।
  • भारत भी ईरान से आयात करने वाले शीर्ष 10 देशों में है, जिसने अक्टूबर 2025 तक लगभग 1.7 अरब डॉलर का आयात किया।
  • ईरान के निर्यात का बड़ा हिस्सा तेल और ईंधन उत्पादों से जुड़ा है, जबकि आयात में खाद्य पदार्थ और सोना प्रमुख हैं।

यह आदेश वार्ता के सकारात्मक माहौल के बावजूद अमेरिका की सख़्त नीति को दर्शाता है। एक ओर बातचीत जारी है, दूसरी ओर ट्रंप प्रशासन ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए आर्थिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है।

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