ढाका/नई दिल्ली | 17 फरवरी, 2026 | इंटरनेशनल डेस्क [एंकर विजुअल – न्यूज़ स्टूडियो]“नमस्कार, आप देख रहे हैं ग्लोबल रिपोर्ट। बांग्लादेश में आज एक बड़े राजनीतिक अध्याय का अंत हो रहा है। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार आज विदा हो रही है और तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। लेकिन इस बीच चर्चा है—’सेफ एग्जिट’ (Safe Exit) की। खबर है कि यूनुस के एक खास सलाहकार अचानक जर्मनी रवाना हो गए हैं। आखिर क्या है इन ‘हवाई उड़ानों’ के पीछे की सच्चाई? आइए देखते हैं।” न्यूज़ हेडलाइन्स (Main Highlights) अचानक रवानगी: मोहम्मद यूनुस के विशेष सहायक फैज अहमद तैयब चुनाव नतीजों के तुरंत बाद जर्मनी के लिए रवाना हो गए। मीडिया ने इसे ‘सरप्राइज डिपार्चर’ करार दिया है। नेताओं की चेतावनी: नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के नेताओं ने मांग की है कि देश छोड़ने से पहले सलाहकार अपनी संपत्ति और 18 महीने के कामकाज का पूरा हिसाब दें। संविधान पर सवाल: विशेषज्ञों ने यूनुस शासन को ‘अवैध’ बताया है क्योंकि संविधान में ऐसी अंतरिम व्यवस्था का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था। अफवाहों पर विराम: ढाका के सूत्रों का दावा है कि तैयब के अलावा बाकी सलाहकार देश में ही हैं और फिलहाल उनके भागने की कोई खबर नहीं है। ग्राउंड रिपोर्ट: क्या वाकई डर का माहौल है? [रिपोर्टर वॉयसओवर]13 फरवरी को चुनाव नतीजे आने के बाद से ही यूनुस के करीबियों के ‘सुरक्षित रास्ते’ (Safe Exit) खोजने की खबरें सोशल मीडिया पर तैर रही हैं। विवाद के मुख्य कारण: फैज अहमद तैयब का जाना: अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) और दूरसंचार मामलों के जानकार तैयब का अचानक जर्मनी जाना संदेह पैदा कर रहा है। जवाबदेही की मांग: एनसीपी नेता नसीरुद्दीन पटवारी ने कड़े शब्दों में कहा, “सुरक्षित रास्ता खोजने से पहले जनता को बताएं कि आपने अब तक क्या किया और अपनी संपत्ति का ब्योरा पारदर्शी तरीके से पेश करें।” सत्ता का हस्तांतरण: आज, 17 फरवरी को यूनुस का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। शाम को तारिक रहमान शपथ लेंगे। सूत्रों का कहना है कि सत्ता का हस्तांतरण सुचारू रूप से हो रहा है, इसलिए अधिकांश अधिकारी अभी देश में ही रुकने का मन बना चुके हैं। संविधान और नैतिकता की बहस कानूनी जानकारों का मानना है कि यूनुस सरकार ने अपने कार्यकाल में कई ऐसे बड़े समझौते किए जो केवल एक निर्वाचित सरकार को करने चाहिए थे। अब जबकि बीएनपी (BNP) सत्ता में आ रही है, इन फैसलों की न्यायिक समीक्षा हो सकती है। इसी डर को ‘सेफ एग्जिट’ की चर्चाओं का आधार माना जा रहा है। आगे क्या? बांग्लादेश की नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद यह साफ होगा कि क्या यूनुस के सलाहकारों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई शुरू होती है या वे शांति से देश में बने रहते हैं। फिलहाल, तैयब के अलावा किसी और के भागने के ठोस सबूत नहीं मिले हैं। [एंकर साइन-ऑफ]“बांग्लादेश में लोकतंत्र की वापसी हो रही है, लेकिन पिछली सरकार के करीबियों के लिए यह समय कड़ी परीक्षा का है। न्यूज़ डेस्क से मैं [आपका नाम], कैमरामैन के साथ।” FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation श्रीलंकाई शेर ने कंगारुओं को चटाई धूल! दो भारतीय कोचों ने रची ऑस्ट्रेलिया की हार की रणनीति ‘धुरंधर 2’ की शूटिंग पर BMC का हंटर! आदित्य धर का प्रोडक्शन हाउस ब्लैकलिस्ट, लगा भारी जुर्माना