बीकानेर/जयपुर: राजस्थान के बीकानेर ज़िला मुख्यालय पर 2 फरवरी से जारी खेजड़ी बचाओ आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे प्रदेश के लिए शुभ संकेत बताया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को लेकर आमजन में जो चेतना आई है, वह सराहनीय है।

🗣️ गहलोत का बयान

  • “पहले अरावली और अब खेजड़ी बचाने को लेकर चल रहे आंदोलन राजस्थान के लिए शुभ संकेत हैं। विकास और प्रकृति के बीच संतुलन जरूरी है, वरना प्रदूषण और ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी समस्याएं बढ़ेंगी।”
  • उन्होंने कहा कि आंदोलन से आगे बढ़कर प्रदेशवासियों को संगोष्ठियां और चर्चाएं करनी चाहिए, ताकि लोगों को पर्यावरण का महत्व समझाया जा सके।
  • गहलोत ने सोलर प्लांट्स को विकास के लिए ज़रूरी बताया, लेकिन लाखों खेजड़ी पेड़ों की कटाई और बढ़ते तापमान पर चिंता जताई।

📌 सरकार की प्रतिक्रिया

  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आंदोलनकारियों और संतों से मुलाकात की।
  • उन्होंने प्रदेशभर में खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाने और ट्री प्रोटेक्शन एक्ट बनाने का आश्वासन दिया।
  • विधानसभा में भी खेजड़ी बचाने के लिए कानून बनाने की घोषणा की गई है।

✨ निष्कर्ष

गहलोत का बयान और सरकार का आश्वासन यह दिखाता है कि राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनचेतना और राजनीतिक इच्छाशक्ति दोनों बढ़ रही हैं।

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