गाजियाबाद, इंदिरापुरम – तीन बहनों की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पिता चेतन गुर्जर ने कहा कि उनकी बेटियों की मौत का कारण भारी कर्ज नहीं, बल्कि कोरियन कल्चर के प्रति खतरनाक जुनून था। पिता का दावा बेटियां लगातार कहती थीं कि वे भारतीय स्कूल में नहीं, कोरियाई स्कूल में पढ़ना चाहती हैं। वे कोरियन फिल्मों, म्यूजिक और लाइफस्टाइल की इतनी दीवानी थीं कि मोबाइल छीनने पर खाना-पीना छोड़ देती थीं। चेतन ने बताया कि घर में कई महीनों से इसी मुद्दे पर तनाव था। टीचर्स ने भी कहा था कि बच्चों को पढ़ाई से पहले उनका माइंडसेट बदलना जरूरी है। मौत वाली रात पिता के अनुसार, जिस रात बच्चियों ने आत्मघाती कदम उठाया, वे रात 12 बजे तक मोबाइल देख रही थीं। वे अपने “K-वर्ल्ड” से बाहर आने को तैयार नहीं थीं। चेतन ने साफ कहा कि उनके कर्ज का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। सरकार से अपील अपने बच्चों को खोने के बाद पिता ने सरकार से गुहार लगाई कि कोरियन कल्चर और उससे जुड़े कंटेंट पर बैन लगाया जाए। उनका कहना है कि यह एडिक्शन बच्चों को “दीमक की तरह चाट रहा है” और भविष्य में और परिवारों को नुकसान पहुंचा सकता है। 📌 निष्कर्ष: गाजियाबाद सुसाइड केस में पिता ने बेटियों की मौत के पीछे कोरियन कल्चर की लत को जिम्मेदार ठहराया है और सरकार से इस पर रोक लगाने की मांग की है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation पश्चिम बंगाल के कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत यूपी में चाइनीज मांझे पर सख्ती: मौत को माना जाएगा ‘मर्डर’