3 year-old Devansh reportedly slipped and fell into a deep pit filled with rainwater.

ग्रेटर नोएडा: नोएडा के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर (टेककी) की पानी से भरे गड्ढे में गिरने से हुई मौत के करीब एक महीने बाद, वैसी ही एक और दुखद घटना सामने आई है। दलेलगढ़ गांव में शनिवार को 3 साल के मासूम देवांश की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई।

Villagers said the pit had been lying open for a long time and filled with water after recent rains. Authorities say it’s a private land.

कैसे हुआ हादसा?

  • ननिहाल आया था बच्चा: देवांश अपनी मां अंजलि के साथ बुलंदशहर के सिकंदराबाद से दलेलगढ़ में अपने नाना-नानी के घर आया था।
  • खेलते समय फिसला पैर: परिवार के लोग पास के एक मंदिर में सामुदायिक भोज में शामिल होने गए थे। खेलते समय देवांश अचानक बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में गिर गया। जब तक उसे बाहर निकाला गया, उसकी मौत हो चुकी थी।

अथॉरिटी और ग्रामीणों के बीच विवाद:

  • ग्रामीणों का आरोप: स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा था। उन्होंने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद इसे भरा नहीं गया।
  • अथॉरिटी की सफाई: ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने बयान जारी कर कहा कि जिस जमीन पर गड्ढा था, वह सरकारी नहीं बल्कि एक स्थानीय किसान की निजी संपत्ति है। अथॉरिटी की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की है।

पुराने जख्म हुए ताजा:

यह घटना 16-17 जनवरी की रात सेक्टर 150 में हुई युवराज मेहता नामक टेककी की मौत की याद दिलाती है। युवराज की कार भी एक जलमग्न गड्ढे में गिर गई थी और घंटों तक बचाव दल के न पहुंचने के कारण उनकी जान चली गई थी। एक महीने के भीतर इस दूसरी घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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