Astrolab और HPE ने रोवर पर लगाया स्पेसबोर्न कंप्यूटर, 2026 में होगा तैनात वॉशिंगटन। अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी Astrolab और टेक दिग्गज Hewlett Packard Enterprise (HPE) ने चाँद पर एआई और एज कंप्यूटिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दोनों कंपनियों ने पहली बार एक लूनर रोवर पर कंप्यूटिंग हार्डवेयर को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट किया है। क्या है FLIP और FLEX रोवर? FLIP (FLEX Lunar Innovation Platform): छोटा टेक्नोलॉजी डेमो रोवर, 30–50 किलो पेलोड ले जाने में सक्षम। इसमें हाइपर-डीफॉर्मेबल व्हील्स, बैटरी, सेंसर और सॉफ्टवेयर का परीक्षण होगा। 2026 की गर्मियों में चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। FLEX (Flexible Logistics and Exploration Rover): Astrolab का फ्लैगशिप रोवर। 1,600 किलो पेलोड और 3 घन मीटर कार्गो क्षमता। दो अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाने, संसाधन ढोने और निर्माण कार्य करने में सक्षम। मिशन 2026 के अंत या बाद में लॉन्च होंगे। स्पेसबोर्न कंप्यूटर का महत्व HPE का Spaceborne Computer पहले ही ISS पर सफल साबित हो चुका है। अब यह चाँद पर रीयल-टाइम डेटा प्रोसेसिंग करेगा। इससे सेंसर डेटा, इमेज और कमांड्स का तुरंत विश्लेषण होगा, बिना पृथ्वी पर भेजे। किसे होगा फायदा? Artemis मिशन के अंतरिक्ष यात्री: मेडिकल इमेज की तुरंत व्याख्या, पानी और हीलियम-3 की लाइव मैपिंग, सुरक्षित नेविगेशन। भविष्य के लूनर बेस और माइनिंग प्रोजेक्ट्स: संसाधन प्रबंधन और संचार नेटवर्क अधिक कुशल होंगे। पृथ्वी पर भी उपयोग: दूरस्थ इलाकों जैसे ध्रुवीय क्षेत्र, गहरे समुद्र और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एज कंप्यूटिंग को बेहतर बनाया जा सकेगा। भारत की तैयारी चेन्नई की Agnikul Cosmos और बेंगलुरु की NeevCloud 2026 में भारत का पहला एआई-आधारित ऑर्बिटल डेटा सेंटर लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं। इसरो भी इन-ऑर्बिट डेटा सेंटर्स पर अध्ययन कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सौर ऊर्जा और वैक्यूम कूलिंग भारत को इस क्षेत्र में मजबूत खिलाड़ी बना सकते हैं। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation नासा का आर्टेमिस-II रॉकेट ‘टैंकिंग फेज़’ में सेंसेक्स 1,100 अंक टूटा, निफ्टी में 349 अंकों की गिरावट