बीजिंग: चीन ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) में इस्तेमाल होने वाले छिपे हुए दरवाज़े के हैंडल पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह डिज़ाइन सबसे पहले टेस्ला ने लोकप्रिय बनाया था और भारत समेत कई देशों की कारों में भी देखने को मिलता है। 📌 वजह क्या है? हाल ही में चीन में शाओमी के दो इलेक्ट्रिक वाहनों में घातक दुर्घटनाएं हुईं। इन हादसों में इलेक्ट्रिक फ़ेलियर के कारण दरवाज़े नहीं खुल पाए और चालक की मौत हो गई। अक्टूबर 2025 में शाओमी SU-7 अल्ट्रा सिडान की दुर्घटना में राहगीरों ने दरवाज़ा खोलने की कोशिश की, लेकिन हैंडल डिज़ाइन की वजह से दरवाज़ा नहीं खुला। सुरक्षा एजेंसियों ने पाया कि छिपे हुए हैंडल आपात स्थिति में दरवाज़ा खोलने में बाधा बन सकते हैं। ⚖️ चीन का कदम चीन इस विवादास्पद डिज़ाइन पर रोक लगाने वाला पहला देश बन गया है। नई नीति के तहत EV निर्माताओं को पारंपरिक या आसानी से सुलभ हैंडल लगाने होंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में EV सुरक्षा पर गहन जांच हो रही है। ✨ असर चीन दुनिया का सबसे बड़ा EV बाज़ार है, इसलिए यह फैसला वैश्विक ऑटो उद्योग पर असर डाल सकता है। भारत और यूरोप में भी सुरक्षा एजेंसियां EV डिज़ाइन की समीक्षा कर सकती हैं। यह दिखाता है कि डिज़ाइन इनोवेशन और सुरक्षा के बीच संतुलन कितना अहम है। आकर्षक और आधुनिक डिज़ाइन अगर आपात स्थिति में जान बचाने में विफल हो जाए, तो उसे स्वीकार करना मुश्किल हो जाता है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation भारत-अमेरिका ट्रेड डील से चीन को संभावित नुक़सान ईरान में इस्लामिक शासन के ख़िलाफ़ बड़े प्रदर्शन: क्या इतिहास दोहराया जाएगा?