बड़े स्कोर के बजाय स्थिर बल्लेबाज़ी पर ज़ोर, सुर्यकुमार यादव की नई रणनीति चर्चा में नई दिल्ली। पिछले डेढ़ साल में भारत ने टी20 क्रिकेट में कई बार 280+ और 290+ जैसे बड़े स्कोर बनाकर दुनिया को चौंकाया। गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया ने लगातार आक्रामक बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया और किसी भी सीरीज़ में हार नहीं झेली। लेकिन टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने अपना अंदाज़ बदला है। वर्ल्ड कप में भारत के स्कोर नामीबिया के खिलाफ: 200+ (93 रन से जीत) अमेरिका के खिलाफ: 161/9 पाकिस्तान के खिलाफ: 175/7 (61 रन से जीत) नीदरलैंड्स के खिलाफ: 193/6 स्पष्ट है कि भारत अब एंकर रोल में खेल रहा है, जहां बल्लेबाज़ी स्थिर और नियंत्रित है, न कि केवल धुरंधर अंदाज़ में। सुर्यकुमार यादव का बदलाव कप्तान सुर्यकुमार यादव लंबे समय से रन नहीं बना पा रहे थे। उन्होंने अब शुरुआती 10 गेंदों में जोखिम कम लिया और ग्राउंड शॉट्स पर ध्यान दिया। इससे टीम को स्थिरता मिली, लेकिन बड़े स्कोर थोड़े कम हो गए। सुनील गावस्कर ने इस रणनीति की सराहना की। पिचों का असर वर्ल्ड कप की पिचें बैटिंग-फ्रेंडली नहीं रहीं। हार्दिक पंड्या ने भी कहा कि विकेट थोड़े फ्लैट होने चाहिए। ICC ने जानबूझकर ऐसी पिचें तैयार कीं ताकि छोटे देशों को भी मुकाबला करने का मौका मिले। ओपनिंग की समस्या अभिषेक शर्मा लगातार तीन मैचों में शून्य पर आउट हुए। इससे मिडिल ऑर्डर को संभलकर खेलना पड़ा। ईशान किशन ने पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन बनाए, लेकिन उन्होंने भी शुरुआत में सावधानी बरती। निष्कर्ष भारत ने भले ही 280+ स्कोर नहीं बनाए हों, लेकिन 175–190 रन के बीच स्थिर बल्लेबाज़ी कर विपक्ष को मात दी है। गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया अब अनुकूलन (Adaptability) पर ज़ोर दे रही है—फ्लैट पिचों पर बड़े स्कोर और मुश्किल पिचों पर नियंत्रित बल्लेबाज़ी। यही है भारत का नया क्रिकेट हेरिटेज। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation भारत में लॉन्च हुआ Google Pixel 10a बेंगलुरु के एक टेक प्रोफेशनल की अनोखी सोच दोस्ती को एक्सेल शीट और डेटा एनालिसिस से ट्रैक करना शुरू किया है