ढाका | 17 फरवरी, 2026 | इंटरनेशनल डेस्क [एंकर विजुअल – न्यूज़ स्टूडियो]“नमस्कार, आप देख रहे हैं ग्लोबल न्यूज़। बांग्लादेश की राजनीति में आज एक नया सूरज उगा है। 12 फरवरी को हुए मतदान के नतीजों ने साफ कर दिया है कि जनता ने बीएनपी (BNP) और उसके नेता तारिक रहमान पर अटूट भरोसा जताया है। ‘धान की बाली’ (BNP का चुनाव चिन्ह) ने पूरे देश में क्लीन स्वीप किया है। 17 साल का निर्वासन खत्म कर लौटे तारिक रहमान अब देश की कमान संभालने जा रहे हैं।” न्यूज़ हेडलाइन्स (Main Highlights) प्रचंड बहुमत: 300 सीटों वाली संसद (जातीय संसद) में बीएनपी को करीब 214 सीटें मिलने का अनुमान है। मतदान का रिकॉर्ड: लगभग 61% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसमें युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही। जमात-ए-इस्लामी का उदय: जमात ने करीब 30% वोटों के साथ बड़ी ताकत के रूप में वापसी की है, जो उदारवादी ताकतों के लिए चिंता का विषय है। पीएम मोदी की बधाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को जीत की बधाई देते हुए एक ‘लोकतांत्रिक और प्रगतिशील’ बांग्लादेश के साथ काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। ग्राउंड रिपोर्ट: निर्वासन से सत्ता के शिखर तक [रिपोर्टर वॉयसओवर]तारिक रहमान का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व पीएम बेगम खालिदा जिया के बड़े बेटे तारिक 2008 से लंदन में निर्वासित जीवन जी रहे थे। वापसी का सफर: दिसंबर 2025 में वापसी: शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद, दिसंबर में जब तारिक ढाका लौटे, तो लाखों की भीड़ ने उनका स्वागत किया। छवि में बदलाव: इस बार तारिक एक बदले हुए नेता के रूप में नजर आए। उन्होंने बदले की राजनीति के बजाय ‘शांति, सुधार और समावेशी शासन’ का नारा दिया। भारत के साथ रिश्ते: चुनाव नतीजों के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में ‘रीसेट’ की उम्मीद है। पीएम मोदी के संदेश ने साफ कर दिया है कि नई दिल्ली अब बीएनपी के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंध बनाने को तैयार है। चुनावी विश्लेषण: क्या बदला? अवामी लीग की अनुपस्थिति: शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध के कारण वे चुनाव नहीं लड़ सके, जिसका सीधा फायदा बीएनपी को मिला। युवाओं का जोश: 2024 के छात्र आंदोलन के बाद यह पहला चुनाव था, जहाँ पहली बार वोट देने वाले युवाओं ने खुलकर बीएनपी का समर्थन किया। शहरों में सेंध: बीएनपी ने ढाका जैसे शहरी क्षेत्रों में भी अपनी पकड़ मजबूत की है, हालांकि ढाका जिले की 20 में से 7 सीटों पर जमात गठबंधन ने जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया है। चुनौतियां और उम्मीदें भले ही तारिक रहमान आज शाम प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे, लेकिन उनके सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना, कानून-व्यवस्था सुधारना और अपनी पिछली विवादित छवि को धोना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। [एंकर साइन-ऑफ]“बांग्लादेश ने ‘सबार आगे बांग्लादेश’ (सबसे पहले बांग्लादेश) के नारे को चुना है। अब देखना होगा कि तारिक रहमान इस भरोसे पर कितने खरे उतरते हैं। न्यूज़ डेस्क से मैं [आपका नाम], कैमरामैन के साथ।” FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation बड़ी खबर: क्या देश छोड़ भाग रहे हैं यूनुस के करीबी? चुनाव नतीजों के बाद ढाका से जर्मनी तक मची हलचल! ‘एआई का इस्तेमाल हो पर जिम्मेदारी के साथ’, कली पुरी ने मीडिया जगत के लिए पेश किया 9 सूत्रीय चार्टर