पृष्ठभूमि

  • 1 फरवरी को पाकिस्तान ने घोषणा की थी कि उसकी टीम 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप मैच का बहिष्कार करेगी।
  • यह फैसला बांग्लादेश के समर्थन में लिया गया था, जिसने सुरक्षा चिंताओं के चलते भारत के खिलाफ मैच बाहर कराने की मांग की थी।
  • आईसीसी ने बांग्लादेश का अनुरोध खारिज कर दिया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया।

बैठक और बातचीत

  • 10 फरवरी को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को आईसीसी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक की जानकारी दी।
  • बैठक में क्रिकेट की भावना बनाए रखने और सभी सदस्य देशों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
  • श्रीलंका, यूएई और अन्य मित्र देशों ने पाकिस्तान से मैच खेलने का अनुरोध किया।

सरकार का बयान

  • पाकिस्तान सरकार ने कहा कि मित्र देशों के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए टीम को भारत के खिलाफ मैच खेलने की अनुमति दी गई है।
  • प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने श्रीलंका के राष्ट्रपति से बातचीत में स्वीकार किया कि दोनों देशों ने हमेशा मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ दिया है।
  • बयान में कहा गया कि यह निर्णय “क्रिकेट की भावना बनाए रखने और वैश्विक खेल की निरंतरता सुनिश्चित करने” के लिए लिया गया है।

आईसीसी का रुख़

  • आईसीसी ने पुष्टि की कि पाकिस्तान अपने सभी मैच खेलेगा।
  • बयान में कहा गया कि सभी सदस्य देशों को अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करना चाहिए और टूर्नामेंट की सफलता सुनिश्चित करनी चाहिए।
  • बांग्लादेश के बहिष्कार पर कोई जुर्माना नहीं लगाया गया।

मित्र देशों की प्रतिक्रिया

  • श्रीलंका के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का धन्यवाद किया और कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच तय कार्यक्रम के अनुसार खेला जाएगा।
  • बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी पाकिस्तान के समर्थन और खेल भावना की सराहना की।

निष्कर्ष पाकिस्तान ने बहिष्कार का फैसला बदलकर मैच खेलने का निर्णय लिया क्योंकि:

  • आईसीसी और पीसीबी की बातचीत में क्रिकेट की भावना और वैश्विक खेल की निरंतरता पर जोर दिया गया।
  • श्रीलंका, बांग्लादेश और अन्य मित्र देशों ने पाकिस्तान से मैच खेलने का अनुरोध किया।
  • सरकार ने इसे अंतरराष्ट्रीय दबाव और क्रिकेट की एकजुटता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम माना।

👉 यह घटनाक्रम दिखाता है कि क्रिकेट केवल खेल नहीं बल्कि कूटनीतिक रिश्तों और अंतरराष्ट्रीय दबाव का भी हिस्सा है।

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