बदायूँ: उझानी कोतवाली क्षेत्र के कूड़ा नरसिंहपुर गाँव में स्थित एक मेंथा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब फैक्ट्री के केबिन के अंदर तीन सुरक्षाकर्मियों के शव बरामद हुए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतकों की पहचान जोगेंद्र यादव (30), भानु यादव (26) और विवेक यादव के रूप में हुई है। मंगलवार सुबह जब फैक्ट्री के अन्य कर्मचारी ड्यूटी पर पहुँचे, तो उन्होंने तीनों को केबिन के अंदर जमीन पर मृत अवस्था में पाया। परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों और परिजनों ने फैक्ट्री पर धावा बोल दिया। जोगेंद्र यादव के परिजनों ने केबिन के बाहर जमकर हंगामा किया और इसे सोची-समझी हत्या करार दिया। उनका कहना है कि तीन स्वस्थ युवकों की एक साथ मौत प्राकृतिक नहीं हो सकती। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि शवों पर चोट के कोई प्रत्यक्ष निशान नहीं मिले हैं। केबिन के अंदर एक हीटर जलता हुआ पाया गया है। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि बंद केबिन में हीटर के धुएँ (कार्बन मोनोऑक्साइड) से दम घुटने (Asphyxiation) के कारण यह हादसा हुआ होगा। फैक्ट्री का विवादित इतिहास जांच में यह भी सामने आया है कि इस फैक्ट्री का इतिहास हाल के दिनों में विवादों में रहा है: कुछ महीने पहले ही इसी मेंथा फैक्ट्री में भीषण आग लगी थी। यह फैक्ट्री फिलहाल बैंक ऑफ बड़ौदा के पास बंधक (Mortgage) बताई जा रही है। पुलिस की कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके का मुआयना किया है। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि “मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” ताजा अपडेट्स के लिए आप उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation बरेली: शक की सनक में पिता बना कातिल, ‘शक्ल नहीं मिलती’ कहकर 1 साल के बेटे का घोंटा गला उत्तर प्रदेश: बरेली के रास्ते शामली से गोरखपुर तक बनेगा नया 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, 15,000 करोड़ की लागत से बदलेगी प्रदेश की सूरत