नई दिल्ली/पोर्ट लुई: भारत और मॉरीशस के बीच के ऐतिहासिक संबंध अब तकनीक और कूटनीति के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम जल्द ही नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ (India AI Impact Summit) में भाग लेंगे। यह जानकारी मॉरीशस की वित्तीय सेवा और आर्थिक नियोजन मंत्री ज्योति जीतन ने साझा की है।

खबर के मुख्य आकर्षण:

  • ‘सदियों पुरानी भाईचारा’: ज्योति जीतन ने भारत-मॉरीशस संबंधों को “सदियों पुराना भाईचारा” बताया, जो अब एक गहरे आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी में बदल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएम नवीन रामगुलाम के बीच के मजबूत व्यक्तिगत संबंधों को इस सहयोग की धुरी बताया।
  • AI के क्षेत्र में भारत का नेतृत्व: मॉरीशस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का समर्थन किया है। जीतन के अनुसार, “तकनीकी कौशल और नवाचार के कारण भारत स्वाभाविक रूप से एआई स्पेस का नेतृत्व करेगा।”
  • ग्लोबल साउथ की आवाज: मॉरीशस ने भारत को ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) की एक सशक्त आवाज बताया है। जीतन ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक व्यवस्था के बीच भारत ने अपनी मजबूती और नेतृत्व क्षमता को साबित किया है, जिससे मॉरीशस जैसे देशों का आत्मविश्वास बढ़ा है।
  • अफ्रीका का प्रवेश द्वार: मॉरीशस खुद को भारत और अफ्रीका के बीच एक सेतु (Gateway) के रूप में देखता है। आने वाले समय में दोनों देश फिनटेक, फार्मास्यूटिकल्स, ब्लू इकोनॉमी और लाइफ साइंसेज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे।

निवेशकों को दिया भरोसा

टाइगर ग्लोबल और फ्लिपकार्ट डील से जुड़े हालिया टैक्स विवादों के बीच, ज्योति जीतन ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि मॉरीशस आज “पारदर्शिता और अखंडता” वाला क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि उनका देश सभी अंतरराष्ट्रीय विनियामक मानदंडों (FATF सिफारिशों सहित) का पूरी तरह पालन करता है और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।


समिट का महत्व:
नई दिल्ली में होने वाले इस एआई समिट में 75 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और कई राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे। मॉरीशस का इसमें शामिल होना भारत की तकनीकी शक्ति और ‘ग्लोबल साउथ’ की एकजुटता का एक बड़ा संकेत है।

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