नसीरुद्दीन शाह को हाल ही मुंबई यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में पहले आने का न्योता दिया गया और फिर उन्हें ‘नहीं आने’ के लिए कहा गया। दिग्गज एक्टर ने अब एक लेख लिखकर अपना दुख और गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने इसमें केंद्र की सत्ताधारी मोदी सरकार को जमकर कोसा है।नसीरुद्दीन शाह ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के लिए यह लेख तब लिखा है, जब बीते दिनों उन्हें मुंबई यूनिवर्सिटी के जश्न-ए-उर्दू कार्यक्रम में बुलाया गया था। लेकिन फिर एक दिन पहले उन्हें बताया गया कि ‘आने की जरूरत नहीं’ है। इस पर दुख और गुस्सा जताते हुए दिग्गज एक्टर ने लेख लिखा है कि इस कार्यक्रम का उन्हें बेसब्री से इंतजार था, क्योंकि उन्हें छात्रों से जुड़ना बहुत लंबे समय से बहुत अच्छा लगता है बॉलीवुड के दिग्गज और बेबाक एक्टर नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर अपने बयान से सुर्खियों में हैं। उन्होंने एक अखबार के लिए लेख लिखा है, जिसमें सीधे-सीधे केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। 75 साल के एक्टर ने लेख में अपनी नाराजगी की शुरुआत मुंबई यूनिवर्सिटी के इवेंट ‘जश्न-ए-उर्दू’ में आमंत्रित किए जाने के बाद ‘नहीं बुलाए’ जाने को लेकर की है। वह कहते हैं कि उन्हें इस बात से बहुत दुख हुआ है। हालांकि, इसके बाद उन्होंने ‘असहिष्णुता’ और ‘सत्ता के दुरुपयोग’ का मुद्दा उठाते हुए दो टूक शब्दों में कहा है कि उन्होंने कभी खुद को ‘विश्वगुरु’ कहने वाले की तारीफ नहीं की है। वह लिखते हैं, ‘यह उनका घमंड है, जो मुझे बुरा लगता है।’ FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation बलूचिस्तान संकट: पाक रक्षा मंत्री का कबूलनामा दिल्ली में बिजली सब्सिडी का पैटर्न: सर्दियों में 100% छूट, गर्मियों में 50% तक राहत