भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच जब ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर मुहर लगी, तो यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने एक बेहद भावुक और यादगार पल साझा किया। उन्होंने अचानक अपना OCI (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) कार्ड निकाला और गर्व से अपनी भारतीय जड़ों का जिक्र किया।

मुख्य बातें:

  • गोवा से जुड़ाव: कोस्टा ने बताया कि उनके पिता का परिवार गोवा से था। उन्होंने कहा, “मैं यूरोपीय परिषद का अध्यक्ष हूँ, लेकिन मैं एक प्रवासी भारतीय नागरिक (OCI) भी हूँ। मेरे लिए इस समझौते का एक विशेष और व्यक्तिगत अर्थ है।”
  • ‘बाबुश’ उपनाम: पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री रहे कोस्टा को आज भी गोवा में उनके कोंकणी उपनाम ‘बाबुश’ से जाना जाता है। उनके पिता ऑरलैंडो दा कोस्टा एक प्रसिद्ध लेखक थे, जिनके कार्यों पर गोवा की संस्कृति का गहरा प्रभाव था।
  • पीएम मोदी का तोहफा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2017 में कोस्टा को यह OCI कार्ड भेंट किया था और उन्हें “दुनिया भर में भारतीय प्रवासियों का सबसे बेहतरीन उदाहरण” बताया था। कोस्टा को ‘प्रवासी भारतीय सम्मान’ से भी नवाजा जा चुका है।
  • अगले स्तर की साझेदारी: कोस्टा ने कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतंत्र (भारत और EU) हाथ मिलाकर काम कर रही हैं। यह समझौता न केवल व्यापार बढ़ाएगा, बल्कि वैश्विक व्यवस्था को शांति और स्थिरता भी देगा।

समझौते का महत्व:
इस “मदर ऑफ ऑल डील्स” के तहत यूरोपीय निर्यात पर लगभग 97% टैरिफ खत्म हो जाएंगे, जिससे यूरोपीय कंपनियों को सालाना अरबों यूरो की बचत होगी। यह समझौता दुनिया की 25% जीडीपी को कवर करता है और 2 अरब लोगों के लिए नए अवसर खोलेगा।

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