कराकस/नई दिल्ली: वेनेजुएला और अमेरिका के बीच हुए नए आपूर्ति समझौते (Supply Deal) के बाद भारत को होने वाले तेल निर्यात में भारी तेजी आई है। अब वेनेजुएला से 20 लाख बैरल कच्चे तेल की क्षमता वाले विशाल ‘सुपर टैंकर’ भारतीय तटों की ओर बढ़ रहे हैं। यह कदम भारतीय रिफाइनरियों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्य विवरण:

  • विशाल जहाजों का उपयोग: वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA ने ‘वेरी लार्ज क्रूड कैरियर्स’ (VLCCs) चार्टर किए हैं। ये जहाज सामान्य टैंकरों की तुलना में लगभग चार गुना अधिक तेल ला सकते हैं, जिससे माल ढुलाई (Freight) की लागत में भारी कमी आएगी। Reuters
  • प्रमुख खरीदार: रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने लगभग छह साल के अंतराल के बाद शेवरॉन (Chevron) से वेनेजुएला के ‘बोस्कन हेवी क्रूड’ की पहली खेप खरीदी है। इसके अलावा इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और HPCL-Mittal Energy भी वेनेजुएला से भारी कच्चे तेल की खरीद कर रहे हैं। Financial Express
  • रूस का विकल्प: अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद भारत अब रूसी कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता कम करने और अपने तेल स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है। वेनेजुएला का ‘मेरे हेवी क्रूड’ (Merey heavy crude) भारतीय रिफाइनरियों के लिए काफी सस्ता और उपयुक्त विकल्प साबित हो रहा है।

निर्यात में उछाल:

  • प्रतिबंधों में ढील के बाद वेनेजुएला का तेल निर्यात दिसंबर के 5 लाख बैरल प्रति दिन (bpd) से बढ़कर जनवरी में 8 लाख बैरल प्रति दिन पहुँच गया है।
  • विटोल (Vitol) और ट्रेफिगुरा (Trafigura) जैसी बड़ी ट्रेडिंग कंपनियों ने मार्च के लिए सुपर-टैंकर बुक किए हैं, जो सीधे भारत पहुँचेंगे। The Hindu BusinessLine

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए क्या मायने हैं?

सस्ता कच्चा तेल मिलने से भारत का आयात बिल कम होगा और घरेलू रिफाइनरियों का मार्जिन बेहतर होगा। चूंकि वेनेजुएला के पास तेल का विशाल भंडार है, इसलिए यह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक मजबूत स्तंभ बन सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *