यूपी की राजनीति में ब्राह्मण समीकरण: डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को किया सम्मानित उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समाज को लेकर हाल ही में काफी हलचल देखने को मिल रही है। शंकराचार्य विवाद के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों (युवा ब्राह्मणों) को बुलाकर उनका सम्मान किया। इसे राजनीतिक विश्लेषक ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। संदर्भ और महत्व शंकराचार्य विवाद: इस विवाद ने ब्राह्मण समाज में असंतोष की स्थिति पैदा की थी, जिसे शांत करने और समर्थन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया माना जा रहा है। ब्रजेश पाठक की पहल: बटुकों को सम्मानित करना एक प्रतीकात्मक कदम है, जो यह संदेश देता है कि सरकार ब्राह्मण समाज की परंपराओं और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है। राजनीतिक समीकरण: यूपी की राजनीति में ब्राह्मण वोट बैंक को हमेशा निर्णायक माना गया है। ऐसे में इस तरह की गतिविधियाँ चुनावी रणनीति का हिस्सा भी समझी जा रही हैं। संभावित असर ब्राह्मण समाज में नाराज़गी कम करने की कोशिश। विपक्षी दलों द्वारा इसे “सिर्फ दिखावा” कहकर आलोचना की संभावना। आगामी चुनावों में ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की रणनीति का हिस्सा। यह घटनाक्रम दिखाता है कि यूपी की राजनीति में जातीय समीकरण कितने संवेदनशील और प्रभावशाली हैं। माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ मौजूद बटुकों की शिखा खींचे जाने के आरोप के बाद यूपी की राजनीति में मचे हंगामे के बीच राज्य सरकार अब स्पष्ट रूप से डैमेज कंट्रोल मोड में दिखाई दे रही है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को अपने आवास पर 101 बटुकों को बुलाकर सम्मान किया, उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं, तिलक लगाया और उनकी शिखा का आदर करते हुए आशीर्वाद लिया. ‘शिखा खींचना महापाप’, ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान NDTV से एक्सक्लूसिव बातचीत में ब्रजेश पाठक ने कहा था, ‘ब्राह्मणों की शिखा खींचने वालों को महापाप लगेगा. किसी को टच करने का भी अधिकार नहीं है.’ उनकी यह टिप्पणी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रुख से अलग मानी जा रही है और यह संकेत देती है कि बीजेपी में शंकराचार्य विवाद पर एकमत स्थिति नहीं बन सकी है. ‘शिखा सनातन की पहचान, अपमान बर्दाश्त नहीं’ डिप्टी सीएम के घर पहुंचे बटुकों ने NDTV से कहा, ‘ब्रजेश पाठक ने सराहनीय काम किया है. बटुक की शिखा ही सनातन पहचान है. शिखा खींचना सनातन का अपमान है. योगी आदित्यनाथ जैसा सनातनी सीएम पूरे देश में होना चाहिए.’ उन्होंने पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की. FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation क्या होते हैं ‘रोबोडॉग’ और भारत के लिए क्यों हैं जरूरी? गलघोटियास विवाद के बीच स्वदेशी तकनीक पर टिकी नजरें हैदराबाद में दिल दहला देने वाली वारदात: पूर्व पति ने की टेकie पत्नी की हत्या