नोटिस पर हस्ताक्षर: विपक्ष के 118 सांसदों ने इस अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें कांग्रेस, डीएमके और सपा के सांसद शामिल हैं, जबकि टीएमसी ने हस्ताक्षर नहीं किए। आरोप: विपक्ष ने स्पीकर पर पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन का संचालन करने का आरोप लगाया। कहा गया कि विपक्षी सांसदों को जनहित के मुद्दे उठाने से रोका जा रहा है और आठ सांसदों को मनमाने ढंग से निलंबित किया गया। राहुल गांधी विवाद: विपक्ष का कहना है कि राहुल गांधी को सदन में बोलने नहीं दिया गया, जिससे हंगामा हुआ। सरकार ने आरोपों को खारिज किया, लेकिन विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। स्पीकर का बयान: ओम बिरला ने कहा कि 4 फरवरी को कुछ सांसद पीएम मोदी की सीट की तरफ बढ़े थे, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता थी और प्रधानमंत्री का संबोधन टालना पड़ा। विपक्ष ने इसे फर्जी आरोप बताया। संवैधानिक प्रक्रिया: कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत यह नोटिस दिया गया है। स्पीकर ने लोकसभा महासचिव को निर्देश दिया है कि नोटिस की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाए। 👉 यह घटनाक्रम संसद में जारी टकराव को और गहरा करता है, क्योंकि अब विपक्ष सीधे स्पीकर के खिलाफ मोर्चा खोल चुका है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation यह रिपोर्ट बताती है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। चित्तौड़गढ़ के कपासन रीको इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार रात हुए हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया