त्रिपोली, 3 फरवरी 2026 – लीबिया के पूर्व तानाशाह कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की जिंटान शहर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनकी उम्र 53 साल थी। लीबियाई मीडिया के अनुसार, चार हथियारबंद लोगों ने उनके घर पर हमला किया। हमलावरों को एक कमांडो यूनिट बताया जा रहा है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हमला किसने और क्यों किया। राजनीतिक सफर और भूमिका सैफ अल-इस्लाम को एक समय अपने पिता का उत्तराधिकारी माना जाता था। उन्होंने 2000 के बाद पश्चिमी देशों से रिश्ते सुधारने में अहम भूमिका निभाई। उनकी कोशिशों से लीबिया ने परमाणु कार्यक्रम छोड़ दिया और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटे। हालांकि वे कभी किसी सरकारी पद पर नहीं रहे। विवाद और सजा 2011 में गद्दाफी सरकार गिरने के बाद उन पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने का आरोप लगा। जिंटान की एक मिलिशिया ने उन्हें करीब छह साल तक कैद में रखा। 2015 में लीबिया की अदालत ने उन्हें गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी। चुनावी महत्वाकांक्षा 2021 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। लेकिन देश की अस्थिर स्थिति के कारण चुनाव टल गए। उन्होंने कहा था कि सत्ता कोई जमीन नहीं है जिसे विरासत में लिया जाए। असर सैफ अल-इस्लाम की हत्या से लीबिया की राजनीति में एक बार फिर अस्थिरता बढ़ने की आशंका है। उनके पिता मुअम्मर गद्दाफी ने 1969 से 2011 तक 42 साल तक लीबिया पर शासन किया था। अब बेटे की मौत से देश में सत्ता संघर्ष और गहराने की संभावना है। 📌 निष्कर्ष: सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की हत्या लीबिया के राजनीतिक परिदृश्य को झकझोर सकती है। यह घटना देश की पहले से अस्थिर स्थिति को और जटिल बना सकती है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation India-US Relations: ट्रेड डील के बाद जयशंकर की हाई-प्रोफाइल मीटिंग्स 🇮🇳🤝🇺🇸 अमेरिकी मीडिया का दृष्टिकोण