टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान मैदान के बाहर और अंदर की घटनाओं ने भारतीय क्रिकेट फैंस को शर्मसार कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद में मिली करारी हार के बाद, आधिकारिक ब्रॉडकास्टर स्टार स्पोर्ट्स ने अपने विवादित ‘कपकेक’ (Cupcake) प्रोमो को इंटरनेट से हटा दिया है। इस पूरे विवाद की मुख्य बातें यहाँ दी गई हैं: 1. क्या था ‘कपकेक’ विज्ञापन का विवाद? स्टार स्पोर्ट्स ने एक विज्ञापन जारी किया था जिसमें दक्षिण अफ्रीका के पिछले ‘चोकर्स’ वाले इतिहास और उनके दिल टूटने के पलों का मजाक उड़ाया गया था। विज्ञापन में यह मान लिया गया था कि भारत की जीत तय है और दक्षिण अफ्रीका को हराना एक ‘कपकेक’ खाने जितना आसान होगा। इसे फैंस ने दक्षिण अफ्रीका के प्रति अहंकार और अनादर का प्रतीक बताया। 2. अहमदाबाद में मिली करारी शिकस्त मैदान पर हकीकत विज्ञापन से बिल्कुल उलट रही। सुपर 8 के मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से करारी शिकस्त दी। भारतीय टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिसके बाद सोशल मीडिया पर ब्रॉडकास्टर को जमकर ट्रोल किया गया। लोगों का कहना है कि “क्रिकेट के भगवान ने भारत के अहंकार को कुचल दिया।” 3. ब्रॉडकास्टिंग में गिरता स्तर? आलोचकों का मानना है कि भारतीय ब्रॉडकास्टर्स अब खेल की बारीकियों और सम्मान के बजाय ‘सस्ते मजाक’ और ‘अति-उत्साह’ (Hype) पर ध्यान दे रहे हैं। तुलना: इंग्लैंड (Sky Sports) और ऑस्ट्रेलिया (Cricket Australia) के विज्ञापनों में खेल की गरिमा और प्रतिद्वंद्वी के प्रति सम्मान दिखता है, जबकि भारत में ‘मौका-मौका’ जैसे विज्ञापनों के बाद से प्रतिद्वंद्वी का मजाक उड़ाने का चलन बढ़ गया है। 300 रन का नैरेटिव: विज्ञापन में टीम इंडिया को ‘300 रन’ बनाने वाली अजेय मशीन की तरह दिखाया जा रहा था, जबकि हकीकत में पिच पर संघर्ष साफ नजर आया। 4. “अहंकार खा गया ईगो” जैसे ही हार तय हुई, स्टार स्पोर्ट्स ने आनन-फानन में अपने सोशल मीडिया हैंडल से यह प्रोमो डिलीट कर दिया। फैंस का कहना है कि अगर ब्रॉडकास्टर में थोड़ी भी नैतिकता है, तो उन्हें दक्षिण अफ्रीका से माफी मांगनी चाहिए। अगला कदम क्या होगा? अब सवाल यह है कि स्टार स्पोर्ट्स अगला विज्ञापन क्या लेकर आएगा? विशेषज्ञों का सुझाव है कि विज्ञापन में ‘अहंकार’ की जगह ‘खेल के प्रति सम्मान’ और ‘अनिश्चितता’ को जगह देनी चाहिए। खेल में किसी भी टीम को कमजोर समझना खुद के लिए भारी पड़ सकता है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation भारतीय IT सेक्टर पर संकट के बादल? दो रिपोर्ट्स ने भविष्य को लेकर किया ‘डरावना’ दावा रणजी ट्रॉफी फाइनल: जम्मू-कश्मीर की नज़र पहले खिताब पर, कर्नाटक को नौवीं जीत की तलाश