वाशिंगटन/नई दिल्ली | मंगलवार, 24 फरवरी 2026

मुख्य बिंदु (Highlights):

  • अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को रद्द करने के बाद राष्ट्रपति भड़के।
  • ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ‘खेल खेलने’ (Playing Games) वाले देशों को दी कड़ी चेतावनी।
  • भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल की वाशिंगटन यात्रा टलने के कुछ ही घंटों बाद आया ट्रंप का बयान।
  • विशेषज्ञों का दावा: ट्रंप का “Ripped Off” शब्द सीधे तौर पर भारत की ओर इशारा।

खबर का विस्तार

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक बार फिर तल्खी आ गई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप की टैरिफ शक्तियों को कम करने वाले फैसले के बाद, राष्ट्रपति ने उन देशों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है जो उनके साथ किए गए व्यापारिक समझौतों से पीछे हटने की कोशिश कर रहे हैं।

भारत की ‘वेट एंड वॉच’ नीति से बढ़ी हलचल
यह विवाद तब गहराया जब भारत ने वाशिंगटन जाने वाले अपने व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को अचानक स्थगित कर दिया। भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में थी, लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत ने इस पर “कैलकुलेटेड पॉज” (सोचा-समझा ठहराव) लेने का फैसला किया है।

ट्रंप की सीधी धमकी
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “जो देश सुप्रीम कोर्ट के हास्यास्पद फैसले के साथ ‘खेल खेलना’ चाहते हैं, खासकर वे जिन्होंने दशकों से अमेरिका को लूटा (Ripped Off) है, उन पर अब उससे भी कहीं ज्यादा टैरिफ लगाया जाएगा, जिस पर वे हाल ही में सहमत हुए थे।”

भारत क्यों है निशाने पर?
विशेषज्ञों और पूर्व राजनयिकों का मानना है कि ट्रंप का यह गुस्सा भारत की ओर ही है। इसके पीछे दो प्रमुख कारण हैं:

  1. शब्दों का चयन: ट्रंप अक्सर भारत और पीएम मोदी के संदर्भ में “Ripped Off” शब्द का इस्तेमाल करते आए हैं। पिछले हफ्ते ही उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी अमेरिका से व्यापारिक फायदा उठा रहे थे।
  2. टैरिफ का गणित: समझौते के तहत भारत 18% शुल्क देने पर राजी हुआ था, लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद अब नए नियम भारत के पक्ष में दिख रहे हैं। भारत अब इस स्थिति का उपयोग बेहतर शर्तों पर बातचीत करने के लिए करना चाहता है।

आगे क्या होगा?
पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम के अनुसार, ट्रंप की स्थिति अब कमजोर हुई है और कई देश इसका फायदा उठाना चाहेंगे। भारत के पास अब यह विकल्प है कि वह व्यापार समझौते की उन शर्तों को फिर से बातचीत की मेज पर लाए जो उस पर थोपी गई थीं। हालांकि, भारत को फूंक-फूंक कर कदम रखना होगा ताकि ट्रंप के साथ रिश्ते और अधिक न बिगड़ें।


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