सैन फ्रांसिस्को/बेंगलुरु: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आई क्रांति ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) की दिग्गज कंपनियों के सामने बड़ी चुनौती पेश कर दी है। महज 5 साल पुरानी AI कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) की मार्केट वैल्यू अब भारत की चार सबसे बड़ी IT कंपनियों—TCS, इंफोसिस, विप्रो और HCL टेक—की संयुक्त वैल्यू से भी ज्यादा हो गई है। मुख्य आंकड़े और तुलना: एंथ्रोपिक की छलांग: फरवरी 2026 में $30 बिलियन के ‘सीरीज G’ फंडिंग राउंड के बाद एंथ्रोपिक की वैल्यूएशन $380 बिलियन (करीब ₹31 लाख करोड़) तक पहुँच गई है। Business Today भारतीय दिग्गजों की स्थिति: भारत की टॉप-4 IT कंपनियों की कुल मार्केट कैप लगभग $250 बिलियन के आसपास है। एंथ्रोपिक अब अकेले इन चारों के कुल योग से लगभग 40% बड़ी हो गई है। निवेशकों का भरोसा: एंथ्रोपिक को अमेज़न, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया (Nvidia) जैसे दिग्गजों का समर्थन प्राप्त है। Economic Times भारतीय IT सेक्टर पर संकट क्यों? लेबर आर्बिट्राज का अंत: भारतीय कंपनियाँ दशकों से सस्ते श्रम और मैन्युअल कोडिंग के दम पर फली-फूली हैं। अब एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड कोड’ (Claude Code) जैसे AI टूल वह काम अकेले कर रहे हैं जिसके लिए पहले सैकड़ों इंजीनियरों की जरूरत होती थी। SaaSpocalypse (SaaS-पोकैलिप्स): AI एजेंट अब सॉफ्टवेयर लिखने, डिबग करने और साइबर सुरक्षा की निगरानी करने में सक्षम हैं। इससे पारंपरिक सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विसेज (SaaS) मॉडल और वेंडर कॉन्ट्रैक्ट्स पर सवाल खड़े हो गए हैं। शेयर बाजार में गिरावट: पिछले एक महीने में NIFTY IT इंडेक्स में 20% से अधिक की गिरावट आई है, जिससे निवेशकों की $50 बिलियन से अधिक की संपत्ति स्वाहा हो गई है। Moneycontrol इतिहास और भविष्य: एंथ्रोपिक की शुरुआत 2021 में पूर्व OpenAI सदस्यों (अमोदेई भाई-बहन) ने की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ‘इटरेशन (दोहराव) बनाम इनोवेशन (नवाचार)’ की लड़ाई है, जहाँ भारतीय कंपनियाँ पुराने ढर्रे पर चल रही हैं, जबकि AI कंपनियाँ भविष्य की तकनीक को लीड कर रही हैं। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation दिल्ली नस्लीय दुर्व्यवहार मामला: आरोपी दंपत्ति ने मांगी माफी, ‘मीडिया ट्रायल’ का लगाया आरोप BSNL का ‘अजीबो-गरीब’ प्रोटोकॉल: डायरेक्टर के स्वागत में अंडरवियर से लेकर ‘सेविंग किट’ तक का इंतजाम