प्रयागराज: सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी BSNL, जो लंबे समय से घाटे और खराब नेटवर्क से जूझ रही है, अपने एक अधिकारी के शाही स्वागत की तैयारियों को लेकर विवादों में है। BSNL के डायरेक्टर (कंज्यूमर फिक्स्ड एक्सेस) विवेक बंसल के प्रयागराज दौरे के लिए जारी एक आधिकारिक आदेश ने “VIP कल्चर” की पराकाष्ठा पार कर दी है। विवाद का कारण: 21 बिंदुओं वाला ‘अदभुत’ आदेश 19 फरवरी को प्रधान महाप्रबंधक कार्यालय, प्रयागराज से एक आदेश लीक हुआ, जिसमें डायरेक्टर की सुख-सुविधा के लिए 50 से अधिक कर्मचारियों की फौज तैनात की गई थी। इस आदेश में कुछ ऐसी चीजें शामिल थीं जिन्हें देखकर सोशल मीडिया पर ‘जी-हुजूरी’ का मजाक उड़ने लगा: अंडरवियर और नहाने की किट: आदेश के बिंदु संख्या 18 में स्पष्ट रूप से पुरुषों के लिए 6 ‘बाथिंग किट’ तैयार रखने को कहा गया था, जिसमें तौलिया, अंडरवियर (VIP या लक्स कोजी), आईना, कंघी, साबुन, शैम्पू और तेल शामिल थे। महिलाओं के लिए भी ऐसी ही किट थी, बस उसमें अंडरवियर का जिक्र नहीं था। Business Today ‘सेविंग’ किट और ‘बुके’: स्पेलिंग की गलतियों से भरे इस आदेश में ‘शेविंग किट’ (Shaving Kit) को ‘Saving Kit’ और बुके (Bouquet) को ‘Bookey’ लिखा गया था। ऐसा लग रहा था मानो डायरेक्टर को दाढ़ी से ‘बचाने’ (Save) का ऑपरेशन चल रहा हो। सफेद इनोवा और नए तौलिए: दो सफेद इनोवा क्रिस्टा कारों के अंदर सीटों पर नए तौलिए रखने और उन्हें समय-समय पर बदलने के लिए विशेष अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। NDTV Hindi घाट पर बेडशीट: संगम स्नान के लिए विशेष नाव, वीआईपी पास और घाट पर ‘सामान्य उपयोग’ के लिए बेडशीट का भी इंतजाम किया गया था। सोशल मीडिया पर भारी फजीहत और कार्रवाई: जैसे ही यह 21 सूत्रीय एजेंडा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों ने BSNL की जमकर आलोचना की। आलोचकों ने कहा कि जहाँ दुनिया 5G से 6G की ओर बढ़ रही है, वहीं BSNL के अधिकारी ‘जी-हुजूरी’ (G-Huzoori) में व्यस्त हैं। नतीजा: भारी आक्रोश और फजीहत के बाद, विभाग ने आनन-फानन में डायरेक्टर के इस दौरे को रद्द कर दिया और प्रोटोकॉल आदेश वापस ले लिया गया। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation भारतीय IT सेक्टर के लिए ‘खतरा’: एंथ्रोपिक की वैल्यूएशन TCS, इंफोसिस, विप्रो और HCL के कुल योग से भी अधिक हुई ट्रंप का ‘डिलाइला लॉ’ (Delilah Law): अमेरिका में भारतीय ट्रक ड्राइवरों पर मँडराया संकट