सिर्फ 1 ग्राम एंटीमैटर अगर सामान्य पदार्थ से टकरा जाए तो उसकी विनाशकारी शक्ति का अंदाज़ा लगाना भी मुश्किल है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इतनी मात्रा का एंटीमैटर लगभग 43 किलोटन TNT के बराबर ऊर्जा पैदा करेगा। तुलना करें तो, हिरोशिमा पर गिराया गया परमाणु बम लगभग 15 किलोटन का था। यानी 1 ग्राम एंटीमैटर का विस्फोट हिरोशिमा बम से लगभग तीन गुना अधिक विनाशकारी होगा। इसका मतलब है कि पल भर में पूरा शहर मिट सकता है। लेकिन खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में रेडियोएक्टिव राख या विकिरण नहीं होगा, जैसा कि परमाणु विस्फोट में होता है। यही कारण है कि एंटीमैटर को अब तक का सबसे खतरनाक और साथ ही सबसे शुद्ध ऊर्जा स्रोत माना जाता है। हालाँकि, वास्तविकता यह है कि एंटीमैटर का निर्माण बेहद कठिन और महंगा है। CERN लैब में वैज्ञानिक अब तक केवल 1 नैनोग्राम एंटीमैटर ही बना पाए हैं। यह मात्रा इतनी कम है कि उसे संभालने के लिए भी अत्याधुनिक तकनीक की ज़रूरत होती है। 1 ग्राम एंटीमैटर बनाने के लिए जितनी ऊर्जा और संसाधन चाहिए, वह आज की तकनीक से संभव नहीं है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर भविष्य में एंटीमैटर को सुरक्षित रूप से बनाया और नियंत्रित किया जा सके, तो यह ऊर्जा उत्पादन और अंतरिक्ष यात्रा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। लेकिन फिलहाल यह केवल सैद्धांतिक संभावना है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation जयमाला के दौरान दुल्हन पर हमला, यूपी से आई बारात में मची अफरा-तफरी एपस्टीन फाइल्स से सामने आई स्टीफन हॉकिंग की तस्वीर, बिकिनी पहने महिलाओं के साथ दिखे वैज्ञानिक; परिवार ने दी सफाई