नई दिल्ली: दिल्ली के पॉश इलाके न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर एक सनसनीखेज लूट की वारदात सामने आई है। एक भरोसेमंद नौकरानी ने ही मास्टरमाइंड बनकर अपने मालिक के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की फर्जी रेड डलवाई और लाखों के जेवर व नकदी पर हाथ साफ कर दिया।

वारदात का मुख्य घटनाक्रम:

  1. फर्जी अफसर बनकर एंट्री: इस महीने की शुरुआत में, 86 वर्षीय सेवानिवृत्त आर्किटेक्ट आर.सी. सभरवाल के घर तीन लोग पुलिस की वर्दी में दाखिल हुए। उन्होंने खुद को ED का अधिकारी बताया और परिवार के मोबाइल फोन छीनकर उन्हें बंधक बना लिया।
  2. लूट और फरार: जब आरोपी घर की ‘तलाशी’ के बहाने लूटपाट कर रहे थे, तभी बुजुर्ग के पोते ने उन्हें टोक दिया। पकड़े जाने के डर से आरोपी करीब 3-4 लाख रुपये नकद और 7 लग्जरी घड़ियाँ लेकर फरार हो गए।
  3. सीसीटीवी से खुला राज: दिल्ली पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझाने के लिए 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान संदिग्धों की गाड़ी का पीछा करते हुए पुलिस गाजियाबाद तक जा पहुंची।

नौकरानी ही निकली मास्टरमाइंड:
तकनीकी जांच और मोबाइल टावर डेटा के विश्लेषण से पुलिस पूजा राजपूत नाम की महिला के घर पहुंची। वहां पता चला कि पीड़ित के घर काम करने वाली नौकरानी रेखा देवी अक्सर वहां आती-जाती थी। जांच में खुलासा हुआ कि रेखा देवी ही इस पूरी साजिश की मुख्य सूत्रधार थी और पूजा उसकी ननद है।

पुलिस की बड़ी बरामदगी:
पुलिस ने पूजा राजपूत के घर से फर्जी रेड में इस्तेमाल किया गया सामान बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:

  • ITBP की डिप्टी कमांडेंट रैंक की वर्दी।
  • फर्जी पहचान पत्र और वायरलेस हैंडसेट।
  • एक एक्सपायर्ड लाइसेंस वाली पिस्तौल।
  • लूटी गई 7 लग्जरी घड़ियाँ और जेवरात।

गिरफ्तारी और फरार आरोपी:
पुलिस ने मास्टरमाइंड रेखा देवी और उसकी ननद पूजा राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस मामले में तीन पुरुष आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनमें ITBP का एक मौजूदा कांस्टेबल (प्रकाश) और सेना का एक रिटायर्ड जवान (उपदेश सिंह थापा) शामिल हैं। वारदात में इस्तेमाल हुई बलेनो कार थापा के नाम पर ही रजिस्टर्ड है।

दिल्ली पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है ताकि लूटी गई बाकी रकम बरामद की जा सके।


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