राजस्थान के सीकर में खाटूश्यामजी फाल्गुनी मेले के दौरान मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी सोनू 2100 लोहे की कीलों पर लेटकर 17 किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैंराजस्थान के सीकर ज़िले में आयोजित बाबा श्याम के फाल्गुनी मेले में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं। इस मेले में भक्ति के विविध स्वरूप देखने को मिल रहे हैं—किसी भक्त ने हाथों में ध्वज लेकर यात्रा की है, तो कोई दंडवत करते हुए बाबा के दरबार तक पहुँचा है। इसी बीच मध्य प्रदेश के मुरैना ज़िले के सबलगढ़ निवासी श्याम भक्त सोनू अपनी अनूठी और कठिन साधना के कारण देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। सोनू लोहे की 2100 कीलों से बनी लकड़ी पर पेट के बल लेटकर रींगस से खाटूश्यामजी तक की यात्रा कर रहे हैं। यह कठिन साधना वे लगातार चार दिनों से कर रहे हैं और बाबा श्याम के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा का परिचय दे रहे हैं सोनू ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से इसी प्रकार की कठिन साधना करते हुए फाल्गुनी मेले में बाबा श्याम के दरबार तक पहुँचते हैं। इस वर्ष भी उन्होंने वही संकल्प लिया है और अपनी आस्था को जीवंत रूप दिया है। उनकी यह अनोखी यात्रा अन्य भक्तों से अलग और विशेष मानी जा रही है। FacebookShare on XLinkedInWhatsAppEmailCopy Link Post navigation शिवजी की मृगछाला से जुड़ी मान्यता, होलिका दहन की परंपरा और नरसिंह अवतार की कथा पलक तिवारी का नवाबी लुक—अनारकली और झूमर ईयररिंग्स में छाया देसी स्टाइल