नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने हाल ही में संपन्न हुए ‘AI इम्पैक्ट समिट’ (AI Impact Summit) के दौरान हुए निर्वस्त्र विरोध प्रदर्शन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को मंगलवार तड़के उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।

20 घंटे की पूछताछ और गंभीर आरोप

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी से पहले उदय भानु से करीब 20 घंटों तक पूछताछ की गई। पुलिस का आरोप है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। चिब पर आपराधिक साजिश, सरकारी काम में बाधा डालने, लोक सेवक को चोट पहुँचाने और जानबूझकर अवज्ञा करने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

क्या है दिल्ली पुलिस का दावा?

पुलिस ने चिब को कोर्ट में पेश कर 7 दिनों की रिमांड मांगी है। जांच एजेंसी का कहना है कि:

  • सुनियोजित साजिश: यह कोई सामान्य विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि वैश्विक गणमान्य व्यक्तियों के सामने भारत की छवि खराब करने की एक सोची-समझी साजिश थी।
  • नेपाल मॉडल: पुलिस को संदेह है कि इस विरोध का तरीका नेपाल में हुए ‘Gen Z’ प्रदर्शनों से प्रेरित था, जिसने वहां की सरकार को गिरा दिया था।
  • फंडिंग की जांच: समिट में प्रदर्शनकारियों ने जो टी-शर्ट पहनी थी, जिन पर “PM is compromised” और “Epstein Files” जैसे नारे लिखे थे, उनकी छपाई और फंडिंग की जांच की जा रही है।

कानूनी और राजनीतिक घमासान

  • बचाव पक्ष का तर्क: उदय भानु के वकील ने अदालत में कहा कि वह विरोध स्थल पर मौजूद ही नहीं थे और न ही उन्होंने किसी को निर्देश दिए थे। उन्होंने इसे लोकतंत्र में विरोध का एक सामान्य हिस्सा बताया।
  • सत्ता पक्ष का प्रहार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रदर्शन को कांग्रेस की “नग्न राजनीति” करार दिया। वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।
  • विपक्ष की प्रतिक्रिया: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और राहुल गांधी ने इस गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध पर हमला बताया है।

अगला कदम

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (इंटर-स्टेट सेल) को सौंप दी गई है। पुलिस अब चिब का आमना-सामना पहले से गिरफ्तार अन्य 7 आरोपियों से कराएगी ताकि इस ‘साजिश’ की पूरी कड़ियों को जोड़ा जा सके।


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